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रोटी को मक्खियां हैली पैड समझती हैं.

Posted On: 1 Mar, 2013 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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मक्‍खी
रोटी को मक्खियां हैली पैड समझती हैं,
इसलिए जब मैं,
भोजन सामने रखकर,
इधर–उधर की बात करता हूं,
अखबार पढ़ता हूं ,
किताब देखने लगता हूं ,
और टी.वी.सीरियल पर ,
निगाह गड़ा देता हूं तो,
मक्खियां ,
मेरी रोटी पर लैंड करने लगती हैं,
हैलीकाप्टर की तरह,
मक्खियां रोटी को हैलीपैड समझती हैं,

मक्‍खी 1
तो मैं कान पकड़ता हूं,
अब भोजन सामने रखकर ,
फालतू काम नहीं करूंगा,
पहले भोजन करूंगा,
क्योंकि,
मक्खियां रोटी को हैलीपैड समझती हैं.

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
March 4, 2013

अब भोजन सामने रखकर , फालतू काम नहीं करूंगा, पहले भोजन करूंगा, क्योंकि, मक्खियां रोटी को हैलीपैड समझती हैं. बहुत सही जानकारी भरा काव्य ! लेकिन एक बात पूछनी है , क्या ये फ्लाइट भी ऑपरेट करती हैं ?

SATYA SHEEL AGRAWAL के द्वारा
March 4, 2013

जलालुद्दीन जी,कविता के माध्यम से एक सन्देश भी दे दिया बधाई.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
March 2, 2013

समझदारी वाली बात की आपने बधाई

    jalaluddinkhan के द्वारा
    March 2, 2013

    शुक्रिया.


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