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हुआ इंतज़ार हासिल.

Posted On: 25 Aug, 2012 Others में

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मैं चला था फूल चुनने,
हुआ संगो-खार हासिल.
तेरी दोस्ती में मुझको,
हुआ इंतज़ार हासिल.
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वही खुशनसीब होंगे,
जो तेरे करीब होंगे,
उन्हें गम नहीं खजां का,
उन्हें है बहार हासिल.
तेरी बेरुखी का अक्सर,
हुआ क्या असर है दिल पर ,
तुझे क्या खबर है यारा,
तुझे तो है प्यार हासिल.
int.
तेरे दर से उठ गया जो,
भला जाये अब कहाँ वो,
उसे क्या सुकूँ मिलेगा,
उसे क्या करार हासिल.
तेरा साथ गर नहीं है,
मुझे फिर भी ये ख़ुशी है,
मैंने दोस्ती निभाया ,
हुई गर है हार हासिल.
कोई वादा ना निभाओ,
तुम्हें हक है भूल जाओ,
मैं तो सिर्फ हूँ तुम्हारा,
है तुम्हें फरार हासिल.
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मुझे और गम नहीं है,
ज़रा सी खलिश यही है,
के मैं कर सका न यारा,
तेरा ऐतबार हासिल.
बस मेरी दुआ यही है,
तू हो शाद गर कहीं है,
तेरे नाम सारी खुशियाँ,
हो मुझे ग़ुबार हासिल.
तेरी दोस्ती में मुझको,
हुआ इंतज़ार हासिल.
मैं चला था फूल चुनने,
हुआ संगो-खार हासिल.

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

D33P के द्वारा
October 21, 2012

दिल को छूती हुई रचना ….बहुत खूबसूरत अल्फाज़

yogi sarswat के द्वारा
August 28, 2012

मुझे और गम नहीं है, ज़रा सी खलिश यही है, के मैं कर सका न यारा, तेरा ऐतबार हासिल. बस मेरी दुआ यही है, तू हो शाद गर कहीं है, तेरे नाम सारी खुशियाँ, हो मुझे ग़ुबार हासिल. तेरी दोस्ती में मुझको, हुआ इंतज़ार हासिल. मैं चला था फूल चुनने, हुआ संगो-खार हासिल. क्या बात है , जलालुद्दीन साब , बहुत सुन्दर भाव और खूबसूरत अलफ़ाज़ ! मुबारक

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 27, 2012

बस मेरी दुआ यही है, तू हो शाद गर कहीं है, तेरे नाम सारी खुशियाँ, हो मुझे ग़ुबार हासिल. तेरी दोस्ती में मुझको, हुआ इंतज़ार हासिल. मैं चला था फूल चुनने, हुआ संगो-खार हासिल. बहुत खूबसूरत अंदाज एवं भाव. बधाई

vikramjitsingh के द्वारा
August 25, 2012

वाह !! जलालुद्दीन साहिब…..वाह !!! आपने तो कमाल कर दिया…… मैं कर सका न यारा, तेरा ऐतबार हासिल. तेरी दोस्ती में मुझको, हुआ इंतज़ार हासिल. इतनी बढ़िया शायरी…………….और उस पर फिट बैठती तस्वीरें सोने पर सुहागा….. http://vikramjitsingh.jagranjunction.com

    jalaluddinkhan के द्वारा
    August 25, 2012

    विक्रम जी ,शुक्रिया,आपके ये शब्द मेरे उत्साह को बढ़ाने वाले हैं.


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