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झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.

Posted On: 15 Aug, 2012 Others में

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Tiranga
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा,
दुनिया के परचमों में दिखे सबसे ये जुदा.
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.
जयचंद,मीरजाफर पनपें नहीं यहाँ,
तारीख से मिटा दें हम उनकी दास्ताँ.
अपने वतन से आखिरी दम तक करें वफ़ा,
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.
इस मुल्क की अवाम ज़माने में शाद हो,
मज़हब का नाम लेके यहाँ न फसाद हो,
हक मादरे-वतन का करें दोस्तों अदा,
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.
ज़ुल्मो-सितम,बुराई वतन से मिटा दें अब,
मिट्टी में जिसकी खेलें,उसी पर लुटा दें सब,
जब वक़्त आ पड़े तो करें जान भी फ़िदा,
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.
अपनों से जब मिलें तो सदा दिल से हम मिलें,
गुलशन में फूल बन के सदा ‘राज’हम खिले,
अमनो-अमाँ वतन में बनाये रखे खुदा,
झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा.

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 16, 2012

इस मुल्क की अवाम ज़माने में शाद हो, मज़हब का नाम लेके यहाँ न फसाद हो, हक मादरे-वतन का करें दोस्तों अदा, झंडा हमारे देश का ऊंचा रहे सदा. बहुत सुन्दर भाव. आमीन. बधाई आदरणीय खान साहब जी. सादर

dineshaastik के द्वारा
August 16, 2012

जलालुद्दीन जी, बहुत ही सुन्दर देशभक्ति की भावना से ओतपोत रचना।


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