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मेरे वतन को मोहब्बत का बाग़ रहने दे.(ग़ज़ल)

Posted On: 29 Apr, 2012 Others में

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अँधेरी रात में जलता चराग रहने दे,
मेरे वजूद पे माजी का दाग़ रहने दे.
मैं चाहता नहीं दुनिया मुझे भुलाये अभी,
मेरे कलाम में जज़्बों की आग रहने दे.
बहुत हुआ चलो रोको ये कीमतों का उरूज,
अभी ग़रीब की रोटी ओ साग रहने दे.
अगर है पालना तो अम्न का परिंदा रख,
जो डस ले अम्न को हरगिज़ वो नाग रहने दे.
खुदा के वास्ते नफरत की आंधियाँ न चला,
मेरे वतन को मोहब्बत का बाग़ रहने दे.
कोई भी रंग मोहब्बत का हो तो अच्छा है,
लहू से खेलना है गर तो फाग रहने दे.
यह नफरतों की ज़बाँ बाँट देगी गुलशन को,
वतन से प्यार है गर फिर यह राग रहने दे.
वो मीठा बोल के हमको फरेब देता है,
खरा कहे तो,मुंडेरों पे काग रहने दे.

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

May 1, 2012

आस्ल्लम वाल्लेकुम! जनाब. खुदा के वास्ते नफ़रत की आंधिया न चला, मेरे वतन को मुहब्बत का बाग़ रहने दे कोई भी रंग मोहब्बत का हो तो अच्छा है लहू से खेलना है तो फाग रहने दो ……..मोहब्बत की मिशाल पेश करती हुई रचना……

akraktale के द्वारा
April 30, 2012

आदरणीय खान साहब नमस्कार, “जो डस ले अम्न को हरगिज़ वो नाग रहने दे.” आपकी बहुत ही सुन्दर इंसानियत के जज्बे को और बुलंद करती गजल की एक एक पंक्ति बहुत सुन्दर है किन्तु ऊपर लिखी पंक्ति का अर्थ क्यों मुझे ठीक नहीं लग रहा है. एक तो मुझे उर्दू का बहुत ज्ञान नहीं है इसलिए कोई गलती हो तो कृपया माफ़ करें.

    jalaluddinkhan के द्वारा
    April 30, 2012

    मैंने जो सोच कर लिखा है,वह यह है कि हमें अच्छे लोगों से,जो शांति के समर्थक हैं उनसे दोस्ती,रिश्ता रखना चाहिए,ऐसे लोग जो बुरे चरित्र के हैं और अपनी फितरत से शांति को खतरे में डालते हैं,अमन को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं,उनसे दूर ही रहना चाहिए. एक शेर का अनेक अर्थ हो सकता है,अपनी-अपनी समझ और परिस्थितियों के अनुसार लोग अर्थ निकलते हैं.यहाँ अमन को अम्न लिखा गया है,जिसका अर्थ शांति है.उच्चारण में यह परिवर्तन ज़रूरत के अनुसार किया गया है,जो गलत नहीं है.

dineshaastik के द्वारा
April 30, 2012

जलाल  जी बहुत  सुन्दर, दिल  की गहराइयों तक  उतर गईं ये पंक्ति- खुदा के वास्ते नफरत की आंधियाँ न चला, मेरे वतन को मोहब्बत का बाग़ रहने दे.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
April 29, 2012

खुदा के वास्ते नफरत की आंधियाँ न चला, मेरे वतन को मोहब्बत का बाग़ रहने दे. आपके इस जज्बे को सलाम. उनसे kah दो अब न कभी कार्यें कत्ले आम आपके इस जज्बे को सलाम. बहुत बहुत बधाई


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